प्रदुषण और भाग दौड़ के कारण ज्यादातर लोग अपने फेफड़ों की देखभाल करना भूल जाते हैं और जब समस्या एक गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है तब ध्यान जाता है। फेफड़ों में इंफेक्शन के कारण आपको सांस लेने में दिक्कत हो सकती है और इसी के साथ अस्थमा या खांसी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा (आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ) ने बताया, आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी बूटियों के बारे में बताया गया है जिससे आपके फेफड़े स्वस्थ रह सकते हैं लेकिन इन दवाओं का असर तभी होगा जब आप अपनी जीवनशैली में परिवर्तन लाएंगे। यानी आयुर्वेद में आहार और विहार दोनों को स्वस्थ रहने के लिए समान रूप से उपयोगी बताया गया है। फेफड़ों के संक्रमण से बचाव के लिए सबसे पहले धूम्रपान का त्याग करें और प्रदूषण से बचकर रहें।
च्यवनप्राश खाएं- च्यवनप्राश में कई महत्वपूर्ण रसायन पाए जाते हैं जिनके सेवन से आपके फेफड़े स्वस्थ रहते हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार सदियों से इस चमत्कारिक औषधि का प्रयोग किया जा रहा है। यह आपकी इम्युनिटी बूस्ट करता है और खांसी या फेफड़े के अन्य संक्रमण से आपका बचाव करता है। च्यवनप्राश को सुबह और रात के समय दूध के साथ खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। कोशिश करें कि इसे खाने के आधा घंटे बाद ही पानी पीएं।
शहद खाएं- आयुर्वेद में शहद को एक औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। आप शहद को खांसी या अन्य संक्रमण से बचने के लिए उपयोग कर सकते हैं। इसके सेवन से गले की सूजन, फेफड़े की समस्या, सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। शहद को आप हल्के गुनगुने पानी के साथ मिलाकर पी सकते हैं। बच्चों को आप रोटी या ब्रेड के साथ मिलाकर शहद खिला सकते हैं।
तुलसी काढ़ा- आप सब के घर के आंगन में आसानी से उपलब्ध होने वाला तुलसी के पत्ते फेफड़े में इंफेक्शन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके पत्तों को खाने से फेफड़े स्वस्थ रहते है और अस्थमा जैसी समस्या से राहत मिलती है। आप चाहें तो इसका काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।
त्रिकटु चूर्ण- इसे बनाने के लिए काली मिर्च, पिप्पली और सोंठ को समान मात्रा में मिलाया जाता है और इसके सेवन से फेफड़े में जमा हुआ कफ बाहर निकालने में मदद मिलता है। आप इस चूर्ण को थोड़े से शहद और गुनगुने पानी के साथ मिलाकर ले सकते हैं।
इसके साथ ही फेफड़े में इंफेक्शन के आयुर्वेदिक इलाज के रूप में आपको नियमित योगासन करने की सलाह दी जाती है। प्राणायाम या गहरी सांस वाली एक्सरसाइज आपके फेफड़े के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं।
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